नेपाल के किसानों ने रुड़की के थिथकी गांव में मत्स्य पालन मॉडल का किया अध्ययन

अनिल कश्यप
रूडकी /हरिद्वार। जिला सहकारी मत्स्य विकास एवं विपणन फेडरेशन के तत्वावधान में रुड़की क्षेत्र के थीथकी कवायदपुर स्थित मत्स्य पालन ग्रोथ सेंटर पर नेपाल से आए 40 किसानों के दल ने भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने कोआपरेटिव फिश सोसाइटी के तालाबों में संचालित आधुनिक मत्स्य पालन प्रणाली को करीब से देखा और जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षक के रूप में प्रसिद्ध नेपाल सिंह कश्यप ने किसानों को रोहू, कतला, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प व ट्राउट मछलियों के उत्पादन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में मत्स्य उत्पादन 35 कुंतल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 65 कुंतल तक पहुंच गया है, जबकि ट्राउट मछली का उत्पादन ठंडे क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिसका बाजार मूल्य 800 से 1000 रुपये प्रति किलो तक मिलता है।
उन्होंने सहकारिता मॉडल पर जोर देते हुए बताया कि 11-11 सदस्यों की समितियां बनाकर हजारों लोग मत्स्य पालन से जुड़ रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 50% तक सब्सिडी दी जा रही है।
इस अवसर पर प्रो. गुरु प्रकाश (बीएचयू), सुमित कुमार, ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह, निरीक्षक प्रियंका रासो, मोहम्मद ताहिर, अनिल मलिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।